
शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट के पास मौजूद सभी संपत्ति एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को ट्रांसफर करने की मांग वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। आशीष गिरी नाम के वकील ने यह याचिका दाखिल की थी।
गिरी की याचिका को खारिज करते हुए चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने पूछा, यह किस तरह की याचिका है और आप कौन हैं? आप की याचिका पर विचार नहीं किया जा सकता है। इस आदेश के बाद उद्धव गुट में एक बार फिर से जोश उफान पर है। हालांकि इलेक्शन कमीशन और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने ही शिवसेना का औपचारिक नाम और चुनाव चिह्न शिंदे गुट को दे दिया है। फिर भी मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
सुप्रीम कोर्ट शिंदे सरकार की वैधानिकता पर जल्द ही अंतिम फैसला सुनाने वाली है। उद्धवगुट को लगता है कि फैसला उनके ही पक्ष में आने वाला है और एक बार फिरसे महाराष्ट्र में उद्धव के नेतृत्व में महा अघाड़ी सरकार बनने वाली है। उद्धवगुट के प्रवक्ता और सांसद संजय राउत ने इस बारे में राजनीतिक बयान भी दिया है।
शुक्रवार को भरी अदातल में जब सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने याचिकाकर्ता से पूछा कि वो किस हैसियत से शिवसेना का सारी संपत्ति एकनाथ शिंदे गुट को दिए जाने की मांग कर रहे है तो याचिका का वकील बगलें झांकने लगा। सीजेआई ने उक्त याचिका को देखते ही कुछ ही क्षणों में खारिज कर दिया
सुप्रीम कोर्ट के रुख पर दोनों गुटों के लोग पहले से निगाहें गढाए हुए थे। जैसे ही उद्धव गुट को फैसले की जानकारी मिली वैसे ही दिल्ली से लेकर मुंबई तक खुशियां मनाई जा रही हैं।