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कंझावला कांड: 7वें आरोपी अंकुश खन्ना को आज अदालत में पेश किया जाएगा

Kanjhawala Case

कंझावला कांड के 7वें आरोपी अंकुश खन्ना को दिल्ली पुलिस आज रोहिणी कोर्ट में पेश करेगी।अंकुश खन्ना ने शुक्रवार की शाम को सुल्तानपुरी थाने में सरेंडर कर दिया था।अंकुश आरोपी अमित का भाई है, अंकुश पर आरोप है कि उसे एक्सीडेंट की पूरी कहानी पता थी, गाड़ी अमित चला रहा था।लेकिन अमित के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था लिहाजा अंकुश ने ड्राइवर के तौर पर दीपक को प्लांट किया।

शुक्रवार को दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने  को कंझावला केस में आरोपी आशुतोष भारद्वाज को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था।सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने घटना के वक्त कार में उसकी मौजूदगी साबित करने के लिए रिमांड मांगी। पुलिस ने कहा कि संदेह है कि आशुतोष कार में था लेकिन उसने अन्य आरोपी दीपक को चालक के रूप में बताया।दिल्ली पुलिस ने बताया कि हिरासत में लेकर पूछताछ की जरूरत है।

मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सान्या ने आरोपी आशुतोष भारद्वाज की 3 दिन की पुलिस हिरासत मंजूर कर ली।शुक्रवार को मामले में गिरफ्तारी के बाद आशुतोष को रोहिणी अदालत में पेश किया गया था।जांच अधिकारी (आईओ) ने अदालत को बताया कि आरोपी ने सबूत नष्ट कर दिए।जांच अधिकारी (आईओ) ने यह भी कहा कि सीसीटीवी फुटेज में घटना के वक्त कार में पांच लोग दिख रहे हैं। फुटेज साफ नहीं है। उन्होंने कहा कि सीडीआर के जरिए उसकी पहचान स्थापित की जानी है

सुनवाई के दौरान मौजूद सहायक पुलिस आयुक्त ने दलील दी कि आशुतोष भारद्वाज वह व्यक्ति हैं जिन्होंने कथित तौर पर दीपक को फसाया था। एसीपी ने अदालत से कहा, “वह खुद को बचाने के लिए कुछ भी कर सकता है।”अदालत ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 182 भी उसके खिलाफ गलत सूचना देने के लिए करवाई की जा सकती है। जिसपर जांच अधिकारी ने कहा एक आरोपी अंकुश फरार है। अन्य आरोपितों से उसकी फोन पर बातचीत होती थी। उसने उन्हें बुलाया और घटना के बाद फरार होने के लिए उनके लिए एक ऑटोरिक्शा की व्यवस्था की।
वही शाम को आरोपी अंकुश ने थाने में जा कर खुद को सरेंडर कर दिया।
दिल्ली के खंजावाला में नए साल की रात हुई भयावह घटना में एक 20 वर्षीय लड़की की मौत एक कार द्वारा कई किलोमीटर तक घसीटे जाने के बाद हो गई, जिसने उसके स्कूटर को टक्कर मार दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि छोटे बच्चों के लिए पीने का स्वच्छ पानी वहां मुफ्त उपलब्ध कराने के आदेश पहले से ही दे रखे हैं।

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About the Author: Ashish Sinha

-Ashish Kumar Sinha -Editor Legally Speaking -Ram Nath Goenka awardee - 14 Years of Experience in Media - Covering Courts Since 2008

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