
बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा है कि नवाजुद्दीन और उनकी एक्स वाइफ के बच्चे अपनी एजूकेशन पूरी करने के लिए यूएई जा सकते हैं। मां अंजना पाण्डेय उर्फ आलिया और पिति नवाजु्द्दीन के बीच चल रहे पारिवारिक संघर्ष के कारण बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ था।
बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और शर्मिला देशमुख की बेंच ने नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी को समझौते का सुझाव दिया और दोनों की ऑनलाइन मुलाकात करवाई। बेंच ने पहले प्रत्येक पक्ष को अलग-अलग सुना, फिर सभी को एक साथ सुना।
एक अंतरिम उपाय के रूप में, यह निर्णय लिया गया कि बच्चे अपने स्कूल लौटेंगे और संयुक्त अरब अमीरात में अपना शैक्षणिक कार्यकाल पूरा करेंगे। पक्षों के बीच अन्य अंतरिम उपायों पर भी चर्चा की गई, हालांकि, कानूनी हस्तक्षेप जारी रहेगा और दोनों पक्षों को जून में फिर से अदालत द्वारा सुना जाएगा।
इसी बीच पीठ नवाजुद्दीन सिद्दीकी कि बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने अनुरोध किया है कि उनके बच्चों को अदालत के सामने लाया जाए। न्यायालय के सुझाव पर दोनों पक्ष इस बात पर राजी हो गए कि बच्चे यूएई में रहकर अपनी एजूकेशन पूरी कर सकेंगे और न्यायालय की अनुमति से दोनों पक्ष बच्चों से मिल सकते हैं।